गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) पक्कीबाग में गुरुवार को आयोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम में टिहरी बांध परियोजना के पूर्व महाप्रबंधक एवं मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के प्रो. ओम शंकर मौर्य ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा ही जीवन की सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि बढ़ता कचरा संकट और प्रदूषण आने वाले समय में गंभीर वैश्विक चुनौती बन सकता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक युक्त अपशिष्ट नदियों के साथ-साथ भूगर्भ जल को भी दूषित कर रहा है, जिससे गैस्ट्रो, लीवर, एनीमिया, पीलिया, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने जल, भूमि और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रो. मौर्य ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत घरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को चार श्रेणियों—गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और विशेष देखभाल वाले कचरे—में अलग-अलग करके निस्तारण करने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक उपायों और उनके लाभों को उदाहरणों एवं आंकड़ों के माध्यम से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पर्यावरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. मौर्य ने सरल और व्यवहारिक ढंग से उत्तर दिया। इससे छात्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं परिचय देकर की तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समापन पर शिवम दुबे ने सभी अतिथियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन आचार्य एस.एन. कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment