गोरखपुर। प्रकृति का संरक्षण आज केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और लगातार घटते हरित क्षेत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृशक्ति के सम्मान का अनूठा संदेश दे रहा है।
दलित चिंतक एवं समाजसेवी इंजीनियर बृजमोहन ने कहा कि एक वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देता, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य, जल, जैव विविधता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखता है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो देश में हरित क्रांति का नया अध्याय लिखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि "माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं। माँ हमें जन्म देती है और प्रकृति जीवन जीने के लिए आवश्यक हर संसाधन उपलब्ध कराती है। इसलिए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान भावनाओं और जिम्मेदारियों का अद्भुत संगम है।"
इंजीनियर बृजमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। करोड़ों पौधों के वृक्षारोपण, जल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश हरित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन बनता जा रहा है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी देखभाल और संरक्षण करना भी हमारी जिम्मेदारी है। यदि हर परिवार हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखे, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
अंत में उन्होंने कहा, "आइए, हम सभी अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा अवश्य लगाएँ और प्रकृति को हरा-भरा बनाने के इस महाअभियान में सहभागी बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध भारत की सौगात दें।"

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