वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा द्वारा रविवार को साऊंघाट विकास खंड के गंधरिया गजराज छीतही खुर्द गांव में जन चौपाल का आयोजन कर यूजीसी के नए प्रावधानों का विरोध किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने केंद्र सरकार से कथित काला कानून वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि छात्रों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम जी पाण्डेय ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चला आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भले समाप्त हो गया हो, लेकिन यूजीसी का मुद्दा अब भी छात्रों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि वह गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद स्थापित कर रहे हैं और केंद्र सरकार से ऐसे प्रावधानों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जो उनके अनुसार छात्रों को जाति और वर्ग के आधार पर विभाजित करते हैं।
राम जी पाण्डेय ने यूजीसी के नए प्रावधानों को शिक्षा व्यवस्था और सामान्य वर्ग के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे समाज में दूरियां बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इन प्रावधानों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
जन चौपाल को संबोधित करते हुए सेक्टर प्रभारी एवं मुख्य वक्ता राम प्रताप सिंह तथा अमितेष प्रताप सिंह ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए समाज को एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने वर्तमान समय की जातिवादी राजनीति की आलोचना करते हुए सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में विनय सिंह, अवधेश मिश्र, प्रमोद सिंह, जय सिंह, विजय पाल सिंह और महेंद्र प्रताप पाण्डेय सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनके साथ राजनीतिक हितों के लिए खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार से यूजीसी के नए प्रावधानों को तत्काल वापस लेने की मांग की। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने भाग लिया।

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