बस्ती। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बस्ती में सोमवार से पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि बदलते शैक्षिक परिवेश में शिक्षकों की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रारंभिक कक्षाओं से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत भाषा एवं गणित की मजबूत नींव तैयार करने पर विशेष बल दिया गया है। यदि बच्चे समय पर पढ़ने, लिखने और गणना की दक्षता हासिल कर लेते हैं तो उनकी आगे की शिक्षा अधिक प्रभावी और सफल होगी।
उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त नवीन शिक्षण तकनीकों एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों को विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एफएलएन प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल नई जानकारी देना नहीं, बल्कि कक्षा शिक्षण में सकारात्मक बदलाव लाकर प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर में सुधार सुनिश्चित करना है। बाल-केंद्रित शिक्षण, सतत मूल्यांकन और नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाकर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान संदर्भदाता मोहम्मद इमरान, वंदना चौधरी, एसआरजी आशीष श्रीवास्तव एवं अंगद पाण्डेय ने प्रतिभागी शिक्षकों को भाषा एवं गणितीय दक्षता, कक्षा प्रबंधन, सीखने के परिणामों के आकलन तथा नवाचारी शिक्षण विधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर डीसी निपुण भारत मिशन आलोक त्रिपाठी, डॉ. गोविन्द प्रसाद, डॉ. रविनाथ, शशि दर्शन त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के सफल संचालन में कनिष्ठ सहायक नवनीत कुमार, रमाकांत गौतम, अनिल चौधरी, डायट प्रशिक्षु ज्ञानेंद्र पटेल, अजय कुमार, विपिन कुमार, शिवशंकर साहू एवं दिव्यांशु ने सहयोग किया।

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