वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
हर्रैया, बस्ती। समाजसेवी एवं भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय 'सुदामा' ने अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित टोल प्लाजा पर स्थानीय नागरिकों के साथ कथित भेदभावपूर्ण व्यवहार और मनमानी का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि टोल प्रबंधन का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि उनका उत्पीड़न करना। यदि स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव बंद नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टोल संचालक और कर्मचारी एक ही नियम को अलग-अलग लोगों पर अलग तरीके से लागू कर रहे हैं। आरोप लगाया कि कुछ वाहन चालकों को आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी दिखाने पर बिना शुल्क जाने दिया जाता है, जबकि अन्य स्थानीय लोगों से टोल शुल्क वसूला जाता है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय नागरिकों के लिए कोई नियम है तो वह सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
चन्द्रमणि पाण्डेय ने बताया कि पूर्व में उनके नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद प्रशासन, एनएचएआई और टोल प्रबंधन के बीच यह सहमति बनी थी कि स्थानीय गैर-व्यावसायिक वाहन चालकों को स्थानीय पहचान पत्र दिखाने पर अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान टोल कंपनी इस सहमति का पालन नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि बस्ती जिले के लोगों के साथ पहले ही अन्याय हो रहा है, क्योंकि लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर दो टोल प्लाजा संचालित हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों से बार-बार शुल्क लेना उचित नहीं है। उन्होंने विक्रमजोत निवासी विजय पाण्डेय और हर्रैया निवासी अनिल तिवारी के मामलों का उल्लेख करते हुए टोल कर्मचारियों पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
भाजपा नेता ने कहा कि टोल प्रबंधन पहले सड़क सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समान नियम लागू नहीं किए गए तो स्थानीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित की इस लड़ाई में वह पहले भी पीछे नहीं हटे थे और आगे भी नहीं हटेंगे।
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