बस्ती। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की 40वीं पुण्यतिथि सोमवार को समता दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं भारतीय दलित वर्ग संघ के राष्ट्रीय सचिव साधु शरण आर्य के नेतृत्व में निर्मली कुंड स्थित आवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डालते हुए केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की।
साधु शरण आर्य ने कहा कि बाबू जगजीवन राम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों में रहे और उन्होंने उपप्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए दलित, वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के प्रति उनका योगदान आज भी प्रेरणादायी है।
अर्जक समाज के राष्ट्रीय संयोजक गौरीशंकर ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी तक की सरकारों में कई अहम मंत्रालयों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान रक्षा मंत्री के रूप में तथा हरित क्रांति के दौर में कृषि मंत्री के रूप में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही।
कांग्रेस उपाध्यक्ष वाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और लगभग 50 वर्षों तक सांसद रहने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। उनका सार्वजनिक जीवन देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम में रामधीरज चौधरी, सिद्धनाथ प्रजापति, अनिल तिवारी, महबूब आलम, राहुल चौधरी, अलीम अख्तर, कर्मचारी नेता रामस्वारथ चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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