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Friday, July 3, 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में धन उगाही के आरोप, जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल


बस्ती। नगर पंचायत मुण्डेरवा क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में है। भाजपा नेता एवं मण्डल अध्यक्ष सर्वजीत भारती ने शासन और संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि योजना के लाभार्थियों से आवास से जुड़े कार्यों के नाम पर अवैध धन उगाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिकायतों और जांच के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत लाभार्थियों से कथित रूप से धन की मांग किए जाने की शिकायत नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को भेजी गई थी। शिकायत के बाद जिला प्रशासन स्तर पर जांच कराई गई और संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए।
दस्तावेजों के मुताबिक, जिलाधिकारी बस्ती और परियोजना अधिकारी डूडा को मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी गई, लेकिन रिपोर्ट के बाद भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
जांच रिपोर्ट में कुछ शिकायतकर्ताओं के बयानों का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि योजना का लाभ दिलाने, फोटो खींचने, जियो टैगिंग और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं के नाम पर लाभार्थियों से लगभग 20 हजार रुपये तक की मांग की गई। यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने धनराशि नहीं दी, उनके कार्य लंबित रखे गए या प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
कुछ शिकायतकर्ताओं ने शपथ पत्र और वीडियो के माध्यम से भी कथित धन उगाही के आरोप लगाए हैं और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मण्डल अध्यक्ष सर्वजीत भारती ने अपने पत्र में कहा है कि शिकायत और जांच रिपोर्ट के बावजूद यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो इससे शासन और प्रशासन की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बनी रहे और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिल सके।
फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या आरोपित पक्ष की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और अंतिम निर्णय पर लोगों की नजर बनी हुई है।

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