गोरखपुर। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के उपरांत पूर्व सेवारत शिक्षकों की नौकरी पर उत्पन्न संकट के समाधान एवं टीईटी अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, गोरखपुर का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद गोरखपुर रवि किशन शुक्ला से उनके आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों की इस गंभीर समस्या से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त हजारों शिक्षक वर्षों से पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद इन शिक्षकों के समक्ष सेवा सुरक्षा का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। महासंघ ने सांसद से अनुरोध किया कि वे इस विषय को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाते हुए पूर्व सेवारत शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त कराने हेतु आवश्यक विधायी एवं नीतिगत पहल कराएं।
सांसद रवि किशन शुक्ला ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि शिक्षकों की इस न्यायोचित मांग को भारत सरकार के समक्ष पूरी मजबूती से रखा जाएगा तथा उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, गोरखपुर के जिला संयोजक जयप्रकाश मद्धेशिया, जिला सहसंयोजक धर्मेंद्र कुमार सिंह, विजय बरनवाल, महेंद्र कुमार पटेल, अश्विनी कुमार सिंह, सोनू कुमार, अजय कुमार, संगम लाल, बृजनंदन यादव, सर्वेश पाठक सहित अनेक शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में प्रतिनिधिमंडल ने सांसद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि शिक्षकों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय होगा।

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