बस्ती। कबीर साहित्य सेवा संस्थान का 14वां स्थापना दिवस रविवार को प्रेस क्लब सभागार में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ की अध्यक्षता में मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सामईन फारूकी ने कहा कि पिछले 13 वर्षों में संस्थान द्वारा सृजनात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक कार्य किए गए हैं तथा भविष्य में इन गतिविधियों का और विस्तार किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वी.के. वर्मा ने कहा कि महात्मा कबीर की शिक्षाओं से प्रेरित होकर जन-जन को एकजुट करने का संस्थान का प्रयास आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब जाति, धर्म और मजहब के नाम पर इंसानियत आए दिन आहत हो रही है, ऐसे समय में कौमी एकता और भाईचारे की अलख जगाने वाले संस्थानों का महत्व और बढ़ जाता है।
डा. वाहिद अली सिद्दीकी, अनुरोध श्रीवास्तव, अनुराग कुमार श्रीवास्तव, राहुल चौहान, दीपक सिंह ‘प्रेमी’ और अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि समाज की विकास यात्रा में सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कबीर साहित्य सेवा संस्थान गंगा-जमुनी तहजीब को समृद्ध करने और समाज में वैमनस्यता दूर करने की दिशा में निरंतर सक्रिय है, जो स्वागत योग्य प्रयास है।
कार्यक्रम में बी.एन. शुक्ल, नीरज वर्मा, सेराज अहमद, तौव्वाब अली, अहमद जावेद अंसारी, शाद अहमद ‘शाद’, मनोज पाण्डेय, सागर गोरखपुरी, मो. मोईन, परवेज अहमद सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में संस्थान के अध्यक्ष सामईन फारूकी ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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