गोरखपुर। जनपद को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी (नगर) की अध्यक्षता में जिला बाल श्रम टास्क फोर्स की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक चल रहे बाल श्रम अवमुक्तिकरण एवं पुनर्वास विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव (श्रम), उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुरूप बाल श्रम उन्मूलन को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम स्तर पर ग्राम विकास अधिकारी, ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा तहसील स्तर पर तहसीलदार को उनकी अधिकारिता के अंतर्गत नोडल अधिकारी नामित किए जाने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी (नगर) ने सभी विभागों से समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, श्रम विभाग, पुलिस विभाग अथवा बाल कल्याण समिति को सूचित किया जाए, ताकि बच्चों का शीघ्र रेस्क्यू कर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी, एएचटीयू, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं मानव सेवा संस्थान तथा सेफ सोसाइटी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उप श्रम आयुक्त शक्ति सेन मौर्य ने बताया कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए विभागीय समन्वय के साथ विशेष अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है, ताकि गोरखपुर को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाया जा सके।

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