वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
लखनऊ। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय, लखनऊ में सोमवार को 45 दिवसीय 122वें मंडी सचिव प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अभियंता (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) हिमांशु पांडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि उपज मंडियों के कुशल संचालन, पारदर्शिता तथा किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशिक्षित मंडी सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि ने कहा कि बदलते कृषि परिदृश्य में मंडी व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए दक्ष एवं प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव को अपने कार्यक्षेत्र में लागू कर कृषि विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
उप कृषि विपणन सलाहकार भवेश कुमार जोशी ने मुख्य अतिथि एवं प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से मंडी प्रबंधन, कृषि विपणन सुधार, गुणवत्ता नियंत्रण, भंडारण, विपणन अधोसंरचना तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इससे मंडी सचिवों की कार्यकुशलता में वृद्धि होगी और कृषि विपणन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों जितेन्द्र सिंह, एम. जे. अहमद तथा अनुपम कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नवीन विपणन व्यवस्थाओं की जानकारी किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हित में महत्वपूर्ण साबित होगी।
प्रशिक्षण में राजस्थान से आए मंडी सचिव भाग ले रहे हैं। पाठ्यक्रम के अंतर्गत 14 दिवसीय अखिल भारतीय अध्ययन भ्रमण भी आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न राज्यों की उन्नत कृषि विपणन व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कृषि विपणन प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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