वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर में कर्मचारियों, पर्यवेक्षकों एवं प्रशिक्षुओं के बीच पठन-संस्कृति, ज्ञान-विस्तार तथा राजभाषा हिंदी के प्रोत्साहन के उद्देश्य से ‘मुंशी प्रेमचंद हिंदी पुस्तकालय’ का शुभारंभ किया गया। पुस्तकालय का उद्घाटन मुख्य चल स्टॉक इंजीनियर/ट्रेन/फ्रेट अनिल कुमार एवं मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा की उपस्थिति में राजभाषा अधीक्षक शशिकांत सिंह ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर अनिल कुमार ने कारखाना प्रशिक्षण केंद्र परिसर में पौधरोपण भी किया तथा पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर अनुज कुमार मिश्र, हफीजुर्रहमान, सत्येंद्र वर्मा सहित अनेक अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षु मौजूद रहे।
अनिल कुमार ने कहा कि हिंदी साहित्य व्यक्ति में संवेदनशीलता और भाषा-संस्कार विकसित करता है, जबकि तकनीकी एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी से जुड़ी पुस्तकें कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तकालय कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के लिए एक महत्वपूर्ण ज्ञान-केंद्र साबित होगा।
मुख्य कारखाना प्रबंधक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि सीखने, चिंतन और आत्म-विकास का केंद्र होता है। उन्होंने बताया कि यहां राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ कर्मचारियों के तकनीकी और व्यावसायिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वर्ष 1982 से स्थापित राजभाषा विभाग एवं मुंशी प्रेमचंद हिंदी पुस्तकालय का नवीनीकरण कर इसे कारखाना प्रशिक्षण केंद्र में स्थानांतरित किया गया है। पुस्तकालय में हिंदी साहित्य, तकनीकी विषयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं को अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

No comments:
Post a Comment