वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। सनातन धर्म संस्था द्वारा श्री दुर्गा मंदिर, दुबौली दूबे परिसर में आयोजित शारीरिक, बौद्धिक एवं चरित्र निर्माण शिविर में मंगलवार को वीर योद्धा बंदा सिंह बहादुर (बंदा वैरागी) के बलिदान दिवस पर उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बौद्धिक प्रमुख पंकज त्रिपाठी ने "राष्ट्र की स्थिति और हमारे दायित्व" विषय पर बच्चों को संबोधित करते हुए वीर बंदा बहादुर के जीवन संघर्ष और बलिदान की प्रेरक गाथा सुनाई। उन्होंने कहा कि राष्ट्र, समाज और धर्म के हितों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बच्चों को श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का अभ्यास कराते हुए ज्ञान, कर्म और भक्ति के महत्व को भी समझाया।
विशिष्ट अतिथि होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी ने प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा औषधीय जड़ी-बूटियों की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि "प्रकृति है तो जीवन है", इसलिए प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
शिविर में मुख्य व्यायाम प्रशिक्षक विनय पँवार तथा प्रशिक्षक पूजा अग्रहरि, मान्यता, श्री, विधि, आयुष, शीतल, मानवी, अनुज और अंकिता के निर्देशन में सर्वांगसुंदर व्यायाम, सूर्य नमस्कार, जूडो-कराटे, लाठी, तलवार, एयरगन निशानेबाजी, आत्मरक्षा, कमांडो प्रशिक्षण, पीटी और परेड का अभ्यास कराया गया।
संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में राष्ट्रप्रेम, संस्कार, आत्मरक्षा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। उन्होंने अभिभावकों से बुधवार शाम 4 बजे आयोजित समापन सत्र में उपस्थित रहने का आग्रह किया।

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