वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
संत कबीर नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को धनघटा तहसील स्थित प्राचीन शिव मंदिर बाबा बैजूनाथ धाम परिसर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जनपदवासियों के सुख, समृद्धि और विकास के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर उन्होंने संत कबीर नगर के धनघटा तथा गोरखपुर के खजनी विधानसभा क्षेत्रों के लिए 475 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 139 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने बाबा बैजूनाथ धाम मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने मंदिर की भव्यता एवं क्षेत्र के समग्र विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया तथा लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के स्वीकृति पत्र, प्रतीकात्मक चेक एवं प्रशस्ति पत्र वितरित किए।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता विकास और गरीबों के हित में कार्य करने वाली सरकार चुनती है, तब क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव होता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, सड़क नेटवर्क, शिक्षा संस्थानों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से पूर्वांचल में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि गीडा के विस्तार से युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और प्रदेश निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि बाबा तामेश्वर नाथ धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी और विंध्याचल में हुए विकास कार्यों ने प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई दी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नया उत्तर प्रदेश विकास, सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने जनपदवासियों को आश्वस्त किया कि उनके विकास और समृद्धि के लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करती रहेगी।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक गणेश चंद्र चौहान, राम चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी, लाभार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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