बस्ती। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की 62वीं पुण्य तिथि की पूर्व संध्या पर मंगलवार को कबीर साहित्य सेवा संस्थान की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर के निकट एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन अध्यक्ष मो. सामईन फारूकी ने किया।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक एवं साहित्यकार डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्र भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि नेहरू जी ने देश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति के विकास की मजबूत नींव रखी, जिससे भारत आधुनिक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ा।
उन्होंने कहा कि नेहरू जी दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने लोकतंत्र को सशक्त बनाकर देश को विकास की राह पर अग्रसर किया। उनके कार्यकाल में भारत ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’, अधिवक्ता श्यामप्रकाश शर्मा, बालकृष्ण चौधरी सहित अन्य वक्ताओं ने नेहरू जी को देश का महान राष्ट्रनिर्माता बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर राष्ट्र निर्माण तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके विचार और लेखन आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।
वक्ताओं ने कहा कि उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ ‘विश्व इतिहास की झलक’ और ‘भारत एक खोज’ भारतीय चिंतन और इतिहास बोध को नई दिशा देती हैं।
कार्यक्रम में अजय कुमार, दीनबंधु दीनानाथ, नीरज वर्मा, दीपक सिंह प्रेमी, शाद अहमद शाद, डा. वाहिद अली सिद्दीकी, गिरीश चन्द्र मिश्र, दीनानाथ यादव, दीपक श्रीवास्तव सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

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