वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। आर्य समाज नई बाजार बस्ती के साप्ताहिक सत्संग में वैदिक संध्योपासना और यज्ञ के साथ अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सूर्य के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर शिक्षक नितीश कुमार ने यज्ञ कराते हुए कहा कि पूर्व दिशा के स्वामी अग्नि हैं, जो सूर्य के माध्यम से समस्त प्राणिमात्र की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ के माध्यम से सूर्य की उपासना करने से समस्त संसार सुखी और निरोगी बन सकता है।
आर्य समाज नई बाजार बस्ती के प्रधान ओम प्रकाश आर्य ने अपने संदेश में कहा कि सूर्य इस संसार की आत्मा है। इसके कारण ही औषधियां और वनस्पतियां ऊर्जा प्राप्त करती हैं और अपने गुणों से जीवों को लाभ पहुंचाती हैं। वेदों में सूर्य को ‘आरोग्य का देवता’ कहा गया है, जिसकी किरणें अंधकार के साथ-साथ रोगों का भी नाश करती हैं।
योग शिक्षिका नीलम मिश्रा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस केवल एक आधुनिक अवधारणा नहीं है, बल्कि वैदिक परंपरा में सूर्य को युगों-युगों से ‘संसार की आत्मा’ के रूप में पूजा जाता रहा है। वेदों में सूर्य को ज्ञान, स्वास्थ्य और जीवन का मूल स्रोत बताया गया है।
शिक्षक अनूप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि ऋग्वेद के अनुसार सूर्य केवल एक खगोलीय पिंड नहीं, बल्कि चर और अचर संपूर्ण जगत का आधार है। वैदिक ऋषियों ने सूर्य को ‘सविता’ के रूप में पूजते हुए उसे प्रेरणा का स्रोत माना है। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र सूर्य देव की ही आराधना है और सूर्य ही समय, ऋतु परिवर्तन तथा अन्न उत्पादन का आधार है। वेदों में सूर्य को ‘अक्षय ऊर्जा’ का स्रोत बताया गया है, जो आज के सौर ऊर्जा के महत्व को भी सिद्ध करता है।
कार्यक्रम में राजेश्वरी गौतम, रिमझिम, पुनीत कुमार, परी, रत्नेश मिश्र, रजनी मिश्र, धर्मेंद्र कुमार, अष्कृता मिश्रा, राम तनय, अरविंद साहू, दृष्टि मोदनवाल, महिमा आर्य, राधा देवी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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