वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। आर्य समाज नई बाजार बस्ती के साप्ताहिक सत्संग में पुरुषोत्तम मास के शुभारंभ पर ओम प्रकाश आर्य के नेतृत्व में वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को पुरुषोत्तम मास का वैदिक और वैज्ञानिक महत्व बताया गया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दी गईं।
योगाचार्य गरुण ध्वज पाण्डेय और योग शिक्षक नितीश कुमार ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में सात्विक आहार, योग, यज्ञ, तप और दान से महापुण्य अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वैदिक और सनातन परंपरा में पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास या मलमास भी कहा जाता है, का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह लगभग प्रत्येक 32 महीने 16 दिन के अंतराल पर आता है।
उन्होंने बताया कि सौर वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होने के कारण हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त मास जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। इससे पंचांग, ऋतुओं और पर्व-त्योहारों में संतुलन बना रहता है।
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट यूनिट बस्ती के कोषाध्यक्ष नवल किशोर चौधरी ने कहा कि यह मास आध्यात्मिक उन्नति, मंत्र जाप, ध्यान और सत्कर्मों के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दौरान किए गए दान, जप, भजन और कीर्तन का विशेष फल प्राप्त होता है।
कार्यक्रम में भजन-कीर्तन और वैदिक ग्रंथों के स्वाध्याय के साथ लोगों ने सामूहिक जलपान भी किया। इस अवसर पर राजेश्वरी गौतम, उपेन्द्र आर्य, धर्मेंद्र कुमार, गणेश आर्य, श्रद्धा, शुभम, अरविंद साहू, विश्वनाथ आर्य, रिमझिम, पुनीत कुमार, परी, शेखर श्रीवास्तव, अष्कृता मिश्रा, राम तनय, दृष्टि मोदनवाल, महिमा आर्य, राधा देवी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment