गोरखपुर। सरस्वती शिशु मंदिर (10+2) रेल विहार, राप्ती नगर में शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत द्वारा आयोजित विद्वत परिषद की वार्षिक समीक्षा एवं कार्य योजना बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सह संयोजिका डॉ. रिचा सिंह ने कहा कि विद्वत परिषद के विचारों को विद्यालय स्तर से आगे बढ़ाकर समाज और प्रांत स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परिषद केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के मंत्री डॉ. शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि विद्वत परिषद का उद्देश्य शिक्षा दर्शन, विचार-विमर्श, उचित मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के साथ राष्ट्रीय निधि का संरक्षण करना है।
विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश निरीक्षक श्री राम सिंह ने कहा कि विद्वत परिषद समाजहित के लिए सदैव समर्पित भाव से कार्य करता है। उन्होंने भारतीय परंपरा, प्राचीन शिक्षा पद्धति और विज्ञान के क्षेत्र में परिषद के योगदान को अतुलनीय बताया।
बैठक की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं विद्वत परिषद संयोजक श्री विनोद सिंह राठौर द्वारा अतिथियों के परिचय एवं सम्मान के साथ की गई। उन्होंने बैठक की प्रस्तावना भी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर डॉ. आशीष श्रीवास्तव सहित गोरक्ष प्रांत के विभिन्न विद्यालयों के विद्वत परिषद के प्रमुख आचार्य एवं विद्वतजन उपस्थित रहे।

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