बस्ती। मदरसा रिजविया अहले सुन्नत, मौजा रुस्तमपुर, जनपद संतकबीरनगर के कार्यवाहक प्रबन्धक रईश अहमद ने उपनिदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण बस्ती मण्डल को पत्र भेजकर मदरसे में कथित रूप से अवैध एवं निरस्त शिक्षकों के वेतन भुगतान पर तत्काल रोक लगाने तथा भुगतान की गई धनराशि की रिकवरी किए जाने की मांग की है।
प्रबन्धक ने पत्र में उल्लेख किया है कि इस संबंध में उन्होंने योजित रिट याचिका संख्या-2892/2026 उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दाखिल की थी, जिसमें 25.02.2026 के आदेश में रजिस्ट्रार/निरीक्षक, उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ के 01.05.2013 के आदेश को वैध माना गया है।
पत्र के अनुसार मदरसे में कुल 15 पद सृजित हैं, जबकि इसके सापेक्ष 29 नियुक्तियां की गई हैं। प्रबन्धक ने यह भी कहा कि 15.11.2010 एवं 16.02.2012 की कथित अवैध नियुक्तियों को निरस्त किया जा चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निरस्त शिक्षकों को नियमों के विपरीत वेतन भुगतान किया जा रहा है। साथ ही मांग की है कि इस पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा संबंधित फर्जी नियुक्तियों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाए।

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