लखनऊ। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया है। आयोग द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है, जो अब तक की सर्वाधिक है। यह उपलब्धि ग्रामीण भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, उद्यमशीलता और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत संकेत मानी जा रही है।
केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ अभियानों को दिया।
आंकड़ों के अनुसार, खादी वस्त्रों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि ग्रामोद्योग क्षेत्र ने 1.79 लाख करोड़ रुपये की बिक्री के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिली है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत लाखों लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं, वहीं महिला सशक्तिकरण में भी केवीआईसी की भूमिका बढ़ी है। प्रशिक्षण और उद्यमिता कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई है।
केवीआईसी ने कहा कि खादी आज केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि ‘नए भारत’ की आत्मनिर्भरता और ग्रामीण समृद्धि का प्रतीक बन चुकी है।

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