लखनऊ। मोबाइल सिम और हैंडसेट के आईईएमआई नंबर से जुड़ी धोखाधड़ी तथा बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए दूरसंचार विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग के उत्तर प्रदेश (पूर्व) लाइसेंस सेवा क्षेत्र द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में ‘दूरसंचार अधिनियम 2023’ के तहत सख्त कानूनी प्रावधानों और फर्जी सिम विक्रेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई।
विभाग के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों में शामिल कुल 693 सिम विक्रेताओं की जांच की गई, जिनमें से 449 फर्जी विक्रेताओं को पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
अपर महानिदेशक (दूरसंचार), उत्तर प्रदेश (पूर्व) एलएसए ने कहा कि नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाली दस्तावेजों के जरिए सिम बेचने वाले विक्रेताओं और मोबाइल आईईएमआई से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
विभाग ने बताया कि साइबर अपराधी मुख्य रूप से तीन तरीकों से फर्जी सिम हासिल कर रहे हैं। इनमें लोगों को पैसे का लालच देकर उनकी आईडी पर सिम एक्टिव कराना, ग्राहकों को बिना जानकारी दिए उनकी आईडी पर अतिरिक्त सिम जारी करना और जाली दस्तावेजों का उपयोग करना शामिल है।
दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(c) एवं 42(3)(f) के तहत मोबाइल के आईईएमआई नंबर में अनधिकृत बदलाव करना या अवैध IMEI वाले मोबाइल का उपयोग करना संज्ञेय अपराध माना गया है। वहीं धारा 29(a) एवं 42(3)(e) के तहत फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम लेना, किसी अन्य व्यक्ति का प्रतिरूपण करना तथा छल-कपट से सिम प्राप्त करना भी गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि एक व्यक्ति सभी कंपनियों को मिलाकर अधिकतम 9 सिम कार्ड ही ले सकता है। सिम खरीदते समय यदि विक्रेता बार-बार अंगूठे का निशान या ओटीपी मांगे तो सतर्क हो जाएं। किसी अन्य व्यक्ति के उपयोग के लिए अपनी आईडी पर सिम न खरीदें।
इसके साथ ही विभाग ने नागरिकों को अपने नाम पर जारी सिम कार्ड्स की जानकारी जांचने के लिए sancharsaathi.gov.in� या ऐप का उपयोग करने की सलाह दी। किसी भी अज्ञात सिम की जानकारी मिलने पर उसे तुरंत रिपोर्ट कर बंद कराने की अपील की गई है।
मोबाइल खरीदते समय *#06# डायल कर आईईएमआई नंबर जांचने और मोबाइल खो जाने की स्थिति में तुरंत संचार साथी पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराने की भी सलाह दी गई है।

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