गोरखपुर। उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज के कथित विवादित बयान को लेकर गोरखपुर में विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए इस बयान पर युवा जनकल्याण समिति के प्रमुख कुलदीप पाण्डेय ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे समाज को विभाजित करने वाला बताया है।
कुलदीप पाण्डेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी वर्ग विशेष के प्रति अपमानजनक टिप्पणी न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने सांसद से अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर व्यापक स्तर पर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास त्याग, ज्ञान और राष्ट्र निर्माण की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा रहा है। महर्षि दधीचि के बलिदान, भगवान परशुराम के पराक्रम और चाणक्य की नीतियों ने भारतीय समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
इसके साथ ही उन्होंने आदि शंकराचार्य और रामकृष्ण परमहंस के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत किया।
स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आज़ाद और राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदानों को याद करते हुए पाण्डेय ने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और मुरली मनोहर जोशी के योगदान को याद करते हुए कहा कि पार्टी की नींव में उनके विचार और त्याग शामिल हैं।
अंत में कुलदीप पाण्डेय ने कहा कि समाज को जोड़ने और आपसी सम्मान बनाए रखने की आवश्यकता है। किसी भी समुदाय के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग न केवल उस वर्ग को आहत करता है, बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी कमजोर करता है।

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