प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह के चुनाव की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा, पराजित हुए भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने चुनाव याचिका में वाद कारण का उल्लेख नहीं किया है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की बाध्यकारी धारा 83 का अनुपालन नहीं हुआ है। कोर्ट ने विपक्षी सपा सांसद की सीपीसी के आदेश 7 नियम 11 के तहत दाखिल अर्जी स्वीकार करते हुए भाजपा प्रत्याशी की चुनाव याचिका खारिज कर दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सीके राय ने याची के अधिवक्ता मधुर प्रकाश व विपक्षी सांसद के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार पाण्डेय को सुन कर दिया है। भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने सांसद मोहिबुल्लाह के चुनाव को भ्रष्ट आचरण के आधार पर शून्य घोषित करने की मांग की थी।
कहना था कि विपक्षी का नामांकन पत्र गलत तरीके से स्वीकार किया गया है। विपक्षी का कहना था कि वाद कारण ही नहीं है, जिससे चुनाव प्रभावित हो। इनका कहना था कि सांसद ने वोटर लिस्ट में नाम स्पेलिंग की त्रुटि दुरुस्त करा ली थी।
इसकी जानकारी याची को नहीं थी। बिना ठोस आधार के मनमाने आरोप में याचिका दायर की गई है। याचिका में वाद कारण का विवरण नहीं दिया गया है। यह कानून के बाध्यकारी नियम का उल्लघंन है इसलिए याचिका खारिज की जाए।
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