गाेरखपुर। शहर के दाउदपुर स्थित एक अस्पताल में गुरुवार की रात प्रेम और समर्पण की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर आंख नम कर दी। शादी की खुशियों के बीच दूल्हे ने पहले दुल्हन के घर जाकर द्वारपूजा की रस्म निभाई, फिर सीधे अस्पताल पहुंचा, जहां उसकी दुल्हन आइसीयू में जिंदगी से जंग लड़ रही थी।
दूल्हे ने दुल्हन की मांग में सिंदूर भरा। यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद डाक्टर, नर्स और स्वजन की आंखें छलक उठीं। हर कोई महसूस कर रहा था कि सच्चा प्रेम परिस्थितियों से नहीं, दिल से निभाया जाता है।
सिकरीगंज क्षेत्र के महादेवा बाजार के सन्नी यादव की शादी बांसगांव क्षेत्र के हटवार गांव के महिपाल यादव की बेटी पूजा यादव से तय थी। गुरुवार को दोनों की शादी होनी थी। पूजा एलएलबी अंतिम वर्ष की छात्रा है और उसी दिन वह परीक्षा देने कालेज गई थी। परीक्षा खत्म होने के बाद वह अपने एक रिश्तेदार के साथ बाइक से घर लौट रही थी।
रास्ते में अचानक उसे तेज चक्कर आया और वह बाइक से गिर पड़ी। हादसे में उसके सिर में चोट लग गई। घायल पूजा को तुरंत गोरखपुर के दाऊदपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए आइसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। शादी वाले घर में यह खबर पहुंचते ही खुशियों पर ग्रहण लग गया। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा।
इसी दुख और चिंता के बीच दोनों परिवारों ने ऐसा फैसला लिया, जिसने रिश्तों की असली ताकत दिखा दी। तय हुआ कि शादी हर हाल में होगी। शाम को दूल्हा बरात लेकर पूजा के घर पहुंचा। घर में महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं, लेकिन हर चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी।
रस्में पूरी होने के बाद आधी रात को दूल्हा, स्वजन और बरातियों के साथ अस्पताल पहुंच गया। जब पूजा को बताया गया कि उसका दूल्हा उसे लेने आया है, तो उसकी आंखों में आंसू आ गए। कुछ देर बाद सन्नी ने अस्पताल के बेड पर लेटी पूजा की मांग में सिंदूर भर दिया। उस पल अस्पताल का माहौल पूरी तरह भावुक हो उठा।
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