गोरखपुर। आज महात्मा ज्योतिबा राव फुले महाराज जी की जयंती के अवसर पर संयुक्त श्रीमाली महासभा के तत्वाधान में भव्य एवं विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। श्री सैनी माली समिति महानगर गोरखपुर द्वारा हजारीपुर हनुमान मंदिर, फूल मंडी से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए डीबी स्कूल बेनीगंज पहुंचकर माली महोत्सव सुजैनी के रूप में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति पूनम टंडन उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा फुले एक महान समाज सुधारक, सत्यशोधक और क्रांतिकारी विचारक थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं, जाति व्यवस्था, अस्पृश्यता और बाल विवाह का विरोध किया तथा महिला शिक्षा, विधवा विवाह और सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया। उन्होंने बताया कि ज्योतिबा फुले ने पुणे में देश का पहला बालिका विद्यालय स्थापित कर महिलाओं के शिक्षा अधिकार की नींव रखी।
उन्होंने आगे कहा कि 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा में जन्मे महात्मा फुले ने अपना पूरा जीवन महिलाओं और दलितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। आज महिलाओं की जो सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है, उसमें उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम में वक्ताओं जितेंद्र सैनी, रामबाबू सैनी सहित अन्य लोगों ने महात्मा फुले को महान समाजसेवी, विचारक एवं सत्यशोधक समाज का संस्थापक बताते हुए उनके विचारों को आज भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि फुले जी ने स्त्री-पुरुष समानता, शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए आजीवन संघर्ष किया।
शोभायात्रा के दौरान सर्वप्रथम महात्मा फुले के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन सहित बड़ी संख्या में सैनी समाज के लोग उपस्थित रहे। शोभायात्रा में समाज के विभिन्न गणमान्य लोग एवं युवा उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

No comments:
Post a Comment