बस्ती। उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राना दिनेश प्रताप सिंह ने पंचायत चुनाव टलने की संभावनाओं के बीच महत्वपूर्ण मांग उठाते हुए कहा है कि ऐसी स्थिति में प्रशासकों की नियुक्ति के बजाय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं पंचायतीराज मंत्री को पत्र भेजकर अपनी बात रखी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न सरकारी सर्वेक्षणों एवं चुनावी तैयारियों में लगने वाले समय को देखते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराना कठिन नजर आ रहा है। ऐसे में यह चर्चा है कि चुनाव टलने की स्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासक बनाकर पंचायतों का संचालन कराया जा सकता है।
राना दिनेश प्रताप सिंह ने अपने लंबे अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि वे जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनके अनुसार जनप्रतिनिधि, जनता से सीधे जुड़े होने के कारण विकास कार्यों को अधिक जिम्मेदारी और गुणवत्ता के साथ संपादित करते हैं, जबकि प्रशासक उस स्तर की संवेदनशीलता नहीं दिखा पाते।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के कई राज्यों में इस तरह की परिस्थितियों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने का सफल उदाहरण मौजूद है। इससे न केवल विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहती है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था भी मजबूत होती है।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों का संचालन नौकरशाही के हाथों में दिया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा और आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

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