गोरखपुर। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को जिलाधिकारी गोरखपुर से मिलकर ब्रह्मपुर, पिपरौली, सहजनवा एवं पाली विकास खंडों में कार्यरत नलकूप चालकों को महानगरीय आवासीय भत्ता दिलाने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा में व्याप्त खामियों को दूर कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव व मदन मुरारी शुक्ल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उक्त विकास खंडों में तैनात नलकूप चालकों को महानगरीय आवासीय भत्ता नहीं मिल रहा है, जबकि उन्हीं क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक व सफाई कर्मियों को यह सुविधा नियमित रूप से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड प्रथम, गोरखपुर को कई बार प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि उपजिलाधिकारी सदर व सहजनवा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार संबंधित क्षेत्र महानगर की सीमा में आते हैं। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी के पत्र के आधार पर इन ग्रामों में कार्यरत शिक्षकों को महानगरीय भत्ता मिल रहा है, ऐसे में नलकूप चालकों को इससे वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है।
इसके अलावा परिषद ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा में आ रही समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। मांग की गई कि एनपीएस कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाए और पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा कार्ड से इलाज न किए जाने की समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए।
जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करते हुए शासन स्तर पर पत्राचार कर समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।
इस दौरान अशोक पांडेय, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, सुधीर श्रीवास्तव, आलोक कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, इजहार अली, सौरभ श्रीवास्तव, अनूप कुमार, सूर्यवेद यादव, मोहम्मद आरिफ खान, अनिल द्विवेदी समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

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