बस्ती। जनपद की पौराणिक नदियों—मनोरमा, कुआनो एवं रामरेखा—की बदहाल स्थिति, घाटों की गंदगी और विषाक्त जल के विरोध में चल रहा धरना एवं भूख-हड़ताल रविवार को छठे दिन और अधिक उग्र रूप में जारी रहा। आंदोलन को लगातार बढ़ता जनसमर्थन मिल रहा है, जिससे प्रशासन पर दबाव भी बढ़ता जा रहा है।
धरना स्थल पर आज वरिष्ठ भाजपा नेता प्रमोद पाण्डेय और अभिषेक तिवारी पहुंचे और आंदोलन को जनहित की लड़ाई बताते हुए अपना समर्थन दिया। इस दौरान धरनारत भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने प्रशासन की उदासीनता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जनहित की भावना इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।
‘सुदामा’ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन जल्द ही नदियों की सफाई और पुनर्जीवन के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत नहीं करता, तो सातवें दिन वे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराएंगे।
धरना स्थल पर आज भी बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर समर्थन जताया। इस दौरान आशीष तिवारी, देवशरण शुक्ल, दिग्विजय नाथ पाण्डेय, राजीव पाण्डेय, महेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, रमेश चौधरी, शकील अहमद, जुवैद, दीनबंधु उपाध्याय, राजेश सिंह, देवेन्द्र पाण्डेय और अनिल तिवारी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
यह आंदोलन अब केवल नदी सफाई तक सीमित न रहकर जनस्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।

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