नई दिल्ली/गोरखपुर। गोरखपुर के प्रसिद्ध फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार वर्मा (PT) को देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान All India Institute of Medical Sciences (एम्स), नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘इमर्जिंग हेल्थकेयर प्रोफेशनल अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास के क्षेत्र में उनके नवाचार, शोध और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. वर्मा, जो ‘माँ फिजियोथेरेपी कायरोप्रैक्टिक एंड रिहैब सेंटर’ के निदेशक हैं, चिकित्सा क्षेत्र में ‘ह्यूमन इंजीनियरिंग’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। उनका मानना है कि मानव शरीर एक जटिल मशीन की तरह कार्य करता है, जिसकी संतुलन और संरचना को वैज्ञानिक तरीके से सुधारा जा सकता है।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक इंजीनियर मशीन के अलाइनमेंट और बैलेंस को ठीक करता है, उसी तरह एक फिजियोथेरेपिस्ट शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों की कार्यप्रणाली को संतुलित करता है। वर्तमान में उनका शोध बुजुर्गों के संतुलन (Balance) और रनिंग बायोमैकेनिक्स पर केंद्रित है, जिसमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग के सिद्धांतों का समावेश किया जा रहा है।
World Parkinson's Day के अवसर पर डॉ. वर्मा ने समाज में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि फिजियोथेरेपी केवल व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्यूरोलॉजिकल विकारों से जूझ रहे मरीजों के शरीर के बिगड़े हुए मैकेनिक्स को सुधारने का एक वैज्ञानिक माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुजुर्गों की समस्याओं को केवल उम्र का प्रभाव मानकर नजरअंदाज न करें, बल्कि समय पर उचित उपचार अपनाएं।
हाल ही में कानपुर में अंतरराष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार प्राप्त करने तथा गोरखपुर में ‘थर्ड नेशनल कॉन्फ्रेंस – फिजियोकॉन 3.0’ के सफल आयोजन के बाद एम्स दिल्ली में मिला यह सम्मान उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
पूर्वांचल फिजियोथेरेपी वेलफेयर एसोसिएशन (PPWA) के संयोजक के रूप में डॉ. वर्मा लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने के लिए कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि पर चिकित्सा जगत और गोरखपुर के नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।

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