बस्ती। आल टीचर्स एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) की जिला इकाई ने बुधवार को प्रदेशीय आह्वान पर ‘काला दिवस’ मनाते हुए नई पेंशन योजना (एनपीएस) के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। जिले भर के शिक्षकों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया और सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
जिला संयोजक तौआब अली ने बताया कि 1 अप्रैल 2005 को लागू की गई एनपीएस व्यवस्था कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि यह योजना शेयर बाजार पर आधारित है, जिससे कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो जाता है। अटेवा की प्रमुख मांग है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) को पुनः बहाल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
मंडलीय महामंत्री दीपक सिंह प्रेमी व डॉ. कमलेश चौधरी ने कहा कि देश के कई राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जा चुकी है, ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को भी कर्मचारियों के हित में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनपीएस के तहत मिलने वाली पेंशन अनिश्चित है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
अटेवा के सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम को समर्थन दिया और कहा कि वे पुरानी पेंशन बहाली की हर लड़ाई में अटेवा के साथ खड़े रहेंगे। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए और एकजुट होकर ओपीएस बहाली की मांग उठाई।

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