वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। रबी सीजन में गेहूं की फसल अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है और उसकी कटाई का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। ऐसे में प्रायः देखा जाता है कि कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेष को जला दिया जाता है, जबकि माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा इसे दंडनीय अपराध घोषित किया गया है।
फसल अवशेष जलाने वाले कृषकों पर क्षेत्रफल के अनुसार आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। किसानों से अपील की गई है कि वे कंबाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रिपर अथवा बेलर जैसी मशीनों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, जिससे खेतों में अवशेष न रहें और पशुओं के लिए भूसा भी उपलब्ध हो सके।
जनपद में भूसे की अत्यधिक मांग को देखते हुए प्रत्येक कंबाइन के साथ स्ट्रॉ रीपर चलाने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनपद में डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कंबाइन संचालन हेतु किराया भी पूर्व निर्धारित दर 2200 से 2400 रुपये प्रति एकड़ के अनुसार ही लिया जाए।
डीजल की कमी का हवाला देकर अधिक किराया वसूलने वाले कंबाइन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संचालकों से यह भी कहा गया है कि आग से बचाव हेतु कंबाइन के साथ पानी, बालू तथा अग्निशमन उपकरण अवश्य रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल नियंत्रण किया जा सके।
इसके अतिरिक्त जिन किसानों के खेतों की कटाई की जा रही है, उनका नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज रखने तथा उन्हें फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। स्ट्रॉ रीपर संचालकों को भी निर्देशित किया गया है कि भूसा बनाते समय आग से पूरी सावधानी बरतें और ऐसे गांवों में ही कार्य करें, जहां पूरी फसल की कटाई हो चुकी हो, ताकि अन्य फसलों को नुकसान न पहुंचे।

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