वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। जनपद की पावन धरा पर बहने वाली मनोरमा नदी को पुनर्जीवित करने के संकल्प के साथ वरिष्ठ भाजपा नेता व समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के नेतृत्व में चलाया गया पांच दिवसीय सफाई अभियान अब ठोस परिणाम देने लगा है। मखौड़ा धाम से प्रारंभ होकर झुंगीनाथ व पंडूलघाट तक चले इस अभियान के बाद नदी की तस्वीर में स्पष्ट बदलाव नजर आ रहा है।
अभियान के दौरान जिन घाटों पर कुछ दिन पहले तक गंदगी, कचरा और दूषित जल दिखाई देता था, वहां अब पानी अपेक्षाकृत स्वच्छ, शांत और जीवनदायिनी रूप में दिख रहा है। पंडूलघाट व झुंगीनाथ क्षेत्र में जल की गुणवत्ता में आए परिवर्तन ने स्थानीय लोगों को भी आश्चर्यचकित कर दिया है।
इस पांच दिवसीय अभियान में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया। यह पहल केवल सफाई तक सीमित न रहकर जनजागरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का मजबूत संदेश बनकर सामने आई है।
इस अवसर पर चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने कहा कि “मनोरमा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और अस्तित्व की पहचान है। पांच दिनों में जो बदलाव दिखा है, वह इस बात का प्रमाण है कि यदि समाज ठान ले तो असंभव कुछ भी नहीं।”
उन्होंने जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आमजन अपने बलबूते नदी की दशा बदल सकता है, तो संबंधित विभागों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थायी समाधान और नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह जनआंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने इस प्रयास को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों से उपेक्षित मनोरमा नदी में पहली बार ऐसा सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। लोगों ने इस अभियान को आगे भी जारी रखने और इसे स्थायी जनआंदोलन में बदलने का संकल्प लिया है।
अभियान के अगले चरण में अन्य घाटों एवं क्षेत्रों में भी सफाई कार्य को गति दी जाएगी, ताकि पूरी मनोरमा नदी को स्वच्छ और अविरल बनाया जा सके।
“पांच दिन का श्रम, वर्षों की उम्मीद अब जागे प्रशासन, तभी बचेगी मनोरमा”

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