बस्ती। बस्ती के दुबौलिया बाजार स्थित राम विवाह मैदान में आयोजित 9 दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के चौथे दिन भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास स्वामी स्वरूपानन्द जी महाराज ने श्रीराम अवतार के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भक्तों के प्रेम के कारण निर्गुण परमात्मा सगुण रूप में अवतरित हुए।
उन्होंने मनु-शतरूपा का तप, जय-विजय को मिला श्राप, नारद जी और बृंदा के श्राप सहित विभिन्न कारणों का उल्लेख करते हुए श्रीराम जन्म की महत्ता समझाई। कथा के दौरान जैसे ही श्रीराम जन्म का प्रसंग आया, ‘भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला’ के गान से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर उत्सव मनाया और ‘सियारामचंद्र की जय’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
महात्मा जी ने कहा कि श्रीराम का जीवन मर्यादा, भक्ति और आदर्शों का प्रतीक है तथा उनके स्मरण मात्र से जीवन पवित्र हो जाता है। उन्होंने बताया कि धर्म का वास्तविक फल शांति है और श्रीराम की मर्यादाओं का पालन ही उनकी सच्ची सेवा है।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान संजीव सिंह ने विधि-विधान से कथा व्यास का पूजन किया। आयोजन में बाबूराम सिंह, अनिल सिंह, डॉ. सीबीएन त्रिपाठी, आचार्य अमित त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं ने कथा में भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।

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