वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
नई दिल्ली। कीर्ति वर्धन सिंह ने नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में आयोजित बांग्लादेश के 56वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए भारतदृबांग्लादेश संबंधों को साझा विरासत और विश्वास का प्रतीक बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का स्वतंत्रता दिवस दोनों देशों के साझा इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है, जो आत्मनिर्णय की भावना और लोगों के अदम्य साहस का प्रतीक है। उन्होंने बांग्लादेश मुक्ति संग्राम 1971 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान दिए गए बलिदानों ने भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे और स्थायी संबंधों की नींव रखी।
राज्यमंत्री ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और भाषा की समानताओं से भी जुड़े हैं, जिससे दोनों देशों के बीच विशेष आत्मीयता और निकटता बनी रहती है।
उन्होंने भारत-बांग्लादेश साझेदारी को जन-केंद्रित बताते हुए कहा कि रेल, सड़क और जलमार्ग संपर्क को बढ़ाने, ऊर्जा सहयोग को सुदृढ़ करने तथा व्यापार और आवागमन को सुगम बनाने के प्रयासों से दोनों देशों के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आया है। इन पहलों से आर्थिक अवसरों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी मजबूत हुआ है।
राज्यमंत्री ने कहा कि विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और सीमा-पार परियोजनाएं साझा प्राथमिकताओं और समावेशी विकास की सोच को दर्शाती हैं। भारत और बांग्लादेश मिलकर स्थिर, समृद्ध और सहयोगपूर्ण भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में हुई हालिया दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही इस कठिन समय में भारत की ओर से बांग्लादेश की जनता के साथ एकजुटता व्यक्त की।
अंत में, श्री सिंह ने बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई देते हुए देश की शांति, स्थिरता और समृद्धि की कामना की।

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