महादेवा (बस्ती)। विकास खंड बनकटी के महादेवा में चल रहे धार्मिक आयोजन में सोमवार को भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के लंका गमन और लंका दहन का अत्यंत प्रेरणादायक प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक राष्ट्रीय संत अवधेश जी महाराज ने जैसे ही इस प्रसंग का वर्णन शुरू किया, पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण ‘जय श्रीराम’ व ‘जय बजरंगबली’ के जयघोष से गूंज उठा।
अवधेश जी महाराज ने बताया कि माता सीता की खोज में समुद्र लांघकर हनुमान जी लंका पहुंचे, जहां उन्होंने अशोक वाटिका में माता सीता को ढूंढ निकाला और प्रभु श्रीराम का संदेश देकर उन्हें धैर्य रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद हनुमान जी ने अपनी शक्ति का परिचय देते हुए अशोक वाटिका को तहस-नहस कर दिया और अनेक राक्षसों का संहार किया।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब हनुमान जी रावण के दरबार में पहुंचे, तो उन्होंने निर्भीक होकर श्रीराम का संदेश सुनाया और रावण को माता सीता को लौटाने की सलाह दी। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी गई, लेकिन उसी आग को अस्त्र बनाकर उन्होंने पूरी लंका को जलाकर ध्वस्त कर दिया।
इस अद्भुत प्रसंग को सुनकर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का संचार हो गया। कथा वाचक ने कहा कि हनुमान जी का यह प्रसंग हमें साहस, बुद्धि और प्रभु भक्ति की प्रेरणा देता है। संकट की घड़ी में धैर्य और विश्वास बनाए रखने से हर कठिनाई पर विजय पाई जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर महादेवा के प्रधान ओम प्रकाश सिंह, ओम प्रकाश अग्रहरि, अजीत अग्रहरि, सुरेन्द्र अग्रहरि, त्रियुगी नारायण, राजेश शुक्ला ‘विमल’, जगदंबा शुक्ला सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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