बस्ती। रौता चौराहा के निकट स्थित वीर सावरकर डिजिटल लाइब्रेरी रविवार को रंगों और रचनात्मकता से भर उठी, जब छात्र-छात्राओं ने अपने चित्रों के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समानता का संदेश दिया। अवसर था अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में विश्व युवक केंद्र, नई दिल्ली और युवा विकास समिति, बस्ती द्वारा चलाए जा रहे 15 दिवसीय जागरूकता अभियान के दसवें दिन आयोजित आर्ट एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का।
“राइट्स, जस्टिस, एक्शन – फॉर ऑल विमेन एंड गर्ल्स” थीम पर आयोजित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने विचारों को कैनवास पर उतारते हुए महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। कई चित्रों में बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की नेतृत्व भूमिका और समाज में उनके सम्मान को दर्शाया गया, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट चित्र बनाने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसी रचनात्मक गतिविधियाँ बच्चों में सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हैं और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ समाज के निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करती हैं।
इस अवसर पर बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने कहा कि बच्चों की कल्पना और संवेदनशीलता समाज को नई दिशा दे सकती है। यदि छोटी उम्र से ही उन्हें समानता और अधिकारों के मूल्यों से जोड़ा जाए, तो आने वाली पीढ़ी अधिक न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाज का निर्माण करेगी।
वहीं राम मूर्ति मिश्र ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संवाद और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से ही यह संदेश व्यापक रूप से लोगों तक पहुँचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रतिभागी बच्चों के उत्साह और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि रंगों के माध्यम से व्यक्त यह संदेश समाज में सकारात्मक सोच को मजबूत करने का कार्य करेगा।
.jpeg)
No comments:
Post a Comment