बस्ती। प्रेस क्लब सभागार में सोमवार को टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले टीईटी से मुक्ति के लिए 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विशाल धरना-प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री श्रीधर मिश्र ने की।
बैठक में धरना-प्रदर्शन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए श्रीधर मिश्र ने कहा कि पूरे देश के शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में एकजुट होकर बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि संसद के माध्यम से विधेयक लाकर इस समस्या का समाधान कराया जाना आवश्यक है। शिक्षकों से आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई।
जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह ने बताया कि जनपद से 900 से अधिक शिक्षक धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके लिए ट्रेन, बस और निजी साधनों से दिल्ली जाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा और जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के 1 सितंबर के फैसले के बाद टीईटी अनिवार्यता का मुद्दा लाखों शिक्षकों के लिए सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता का कारण बन गया है। यह लाखों परिवारों के सम्मान और आजीविका से जुड़ा विषय है।
बैठक में बिंदेश्वरी प्रसाद मिश्रा, शिवरतन, रामभवन यादव, अखिलेश पाण्डेय, बृजेश त्रिपाठी, वेद प्रकाश उपाध्याय, आरपी कनौजिया, संतोष पांडे, सनद पटेल, राकेश कुमार पाण्डेय, संतोष जायसवाल, सत्यजीत यादव, शेषमणि पाल, नवीन प्रताप सिंह, सुशील गहलोत, अशोक यादव, अनीश अहमद खान, संजय चौधरी, संतोष मिश्रा, राजकुमार त्रिपाठी, शिव प्रकाश सिंह, आशीष दुबे, संजय कुमार, मुरलीधर, विवेकानंद, अंगद सिंह, रमाशंकर लाल, सुरेंद्र सिंह यादव, उमाकांत शुक्ला, हरेंद्र यादव, विजय सेन, नंदलाल, राजेश कुमार सिंह, अनिल कुमार पाठक, विजय यादव, धर्मराज यादव, राजेश गिरि, रुकुनुद्दीन, असद जमाल, प्रशांत कुमार सिंह, आसाराम यादव, राजेश कुमार वर्मा, कृष्णधर दूबे, गिरिजेश चौधरी, प्रसून श्रीवास्तव, सुरेश गौड़, अमृत लाल सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।

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