बस्ती। दुर्गेश कुमार मिश्र सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थान द्वारा प्रेस क्लब सभागार में साहित्यिक संगोष्ठी, राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं सारस्वत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि डॉ. राधेश्याम ‘बंधु’ ने की, जबकि संयोजन एवं संचालन डॉ. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने किया।
इस अवसर पर संस्थाध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र ने इंजीनियर दीपक कुमार मिश्र के सौजन्य से 86 पुस्तकों के प्रणेता, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. राहुल (नई दिल्ली) को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र, श्रीफल एवं 11 हजार रुपये की धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही दुर्गेश कुमार मिश्र की स्मृति में चयनित 7 मेधावी छात्र-छात्राओं को दो-दो हजार रुपये, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र कृत निबंध संग्रह ‘सूर्यवंश के गौरव’ का लोकार्पण भी किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. राहुल ने कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल और सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की धरती पर सम्मान पाकर वे अभिभूत हैं। साहित्यकार की भूमिका समाज निर्माण, वैचारिक चेतना और मानवीय संवेदना को जीवित रखने में सदैव महत्वपूर्ण रही है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. राधेश्याम ‘बंधु’ ने कहा कि सम्मान साहित्यकारों को नई ऊर्जा देता है। उन्होंने अपनी चर्चित रचना के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर किया। साहित्य भूषण हरीलाल मिलन ने कहा कि साहित्यकार अपने समय का सच्चा साक्षी और भविष्य दृष्टा होता है।
संस्थानाध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र ने कहा कि डॉ. राहुल को सम्मानित कर संस्थान स्वयं गौरवान्वित है। प्रेस क्लब अध्यक्ष विनोद कुमार उपाध्याय ने स्मृति आधारित आयोजनों को सामाजिक चेतना से जोड़ने वाला बताया। डॉ. सत्यव्रत ने निबंध संग्रह पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर अनेक साहित्यकारों एवं रचनाकारों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं सम्मान पत्र प्रदान किए गए। शब्द सुमन संस्था द्वारा डॉ. त्रिभुवन प्रसाद मिश्र को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मां सरस्वती की वंदना से प्रारंभ कवि सम्मेलन में कई कवियों ने काव्य पाठ किया। ओज, हास्य-व्यंग्य, प्रेम और समसामयिक विषयों पर प्रस्तुत रचनाओं को श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment