<!--Can't find substitution for tag [blog.voiceofbasti.page]--> - Voice of basti

Voice of basti

सच्ची और अच्छी खबरें

Breaking

वॉयस ऑफ बस्ती में आपका स्वागत है विज्ञापन देने के लिए सम्पर्क करें 9598462331

Saturday, January 17, 2026

गीत


कर्मों का फल मुझे भा रहा ।

दुख में रह कर मजा आ रहा ।।

हाले दिल किसको बतलाये ,

गांव छोड़ कर शहर जा रहा _

बुद्ध हुआ बगिया का माली ,

हुआ जेब पैसों से खाली,,

गुज़र _वसर  होगी अब कैसे ,

इसी सोच में मरा जा रहा _

सुत करते अपनी मन मानी।

बंटवारे की जिद है ठानी।।

कभी कर्ज की करे न चिंता,

कैसे मुझे ठगा जा रहा _

हार _हार कर जीतू बाजी।

संकट सहने को मैं राजी ।।

रहमन नभ को भी छू लेगा,

इसी लिए तो जिये जा रहा _ 

                                 जन कवि 

                              रहमान अली रहमान

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages