- दुर्गा नगर में श्रद्धा व उत्साह का उमड़ा सैलाब
बस्ती। मंगलवार को दुर्गा नगर आदर्श परिवार कटरा में आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए अमहट घाट स्थित सिद्धेश्वर मंदिर पहुंची, जहां से पवित्र कुओं का जल लेकर महिलाएं व श्रद्धालु कथा स्थल लौटे। विधि-विधान से कलश स्थापना के बाद कथा का आरंभ किया गया।
कलश यात्रा में राधा-कृष्ण का सजीव नृत्य-झांकी और भगवान शंकर के तांडव स्वरूप ने भक्तों का मन मोह लिया। सजे-धजे रथ पर विराजमान राधा-कृष्ण के नगर-भ्रमण के दौरान “राधे-राधे”, “जय श्रीकृष्ण” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। ढोल-नगाड़ों, शंख-ध्वनि, भजन-कीर्तन और पुष्प वर्षा के बीच यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई अमहटघाट पहुंची, जहां विधिवत पूजन के बाद कलश स्थापना की गई।
यात्रा में महिलाओं, बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, समाजसेवियों व व्यापारियों सहित ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। मार्ग में जगह-जगह आरती, पुष्प वर्षा और जलपान की व्यवस्था की गई। बच्चों के लिए झांकी धार्मिक दृश्य के साथ जीवंत संस्कार-शिक्षा का माध्यम बनी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज के नैतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण का महासंगम है।” उपाध्यक्ष राकेश कुमार पाण्डेय ने इसे नगर की आस्था का उत्सव बताया।
व्यासपीठ से पूज्य श्री मुक्तामणि शास्त्री महाराज ने कथा आरंभ करते हुए कहा कि “श्रीमद्भागवत कोई ग्रंथ नहीं, यह साक्षात भगवान का हृदय है। जहां भागवत कथा होती है, वहां स्वयं श्रीकृष्ण विराजमान होते हैं।” उन्होंने परीक्षित-मुक्ति प्रसंग, ज्ञान-वैराग्य, भक्ति की महिमा, नारद-भक्ति संवाद और महर्षि व्यास द्वारा भागवत रचना के मंगलकारी उद्देश्य पर विस्तृत प्रकाश डाला।
कलश यात्रा व कथा श्रवण में सतीश चन्द्र मिश्र, राजेन्द्र सिंह, सुनील कुमार आर्या, राजेन्द्र पाण्डेय, रामचन्द्र वर्मा, कृष्ण कुमार तिवारी, दिनेश पाण्डेय ‘बब्लू’, सर्वेश यादव, राकेश पाण्डेय पिन्टू, उपेन्द्र पाण्डेय, जितेन्द्र पाण्डेय, अमरेन्द्र उपाध्याय, बुद्धि सागर ‘बब्लू’ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं व भक्त उपस्थित रहे।

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