बस्ती। रविवार को गायत्री शक्ति पीठ, मंदिर रोडवेज बस्ती परिसर में “पृष्ठभूमि—गायत्री शक्ति पीठ” शिलापट्ट का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन विधिक परामर्शदाता वीरेन्द्र नाथ पाण्डेय (वरिष्ठ अधिवक्ता) द्वारा सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थापक ट्रस्टी रामचंद्र शुक्ल, वरिष्ठ परिव्राजक/ट्रस्टी राम प्रसाद त्रिपाठी तथा विधिक परामर्शदाता वीरेन्द्र नाथ पाण्डेय ने गायत्री शक्ति पीठ की स्थापना और उसके आध्यात्मिक इतिहास को विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि गायत्री शक्ति पीठ, बस्ती (मंदिर) की प्राण-प्रतिष्ठा स्वयं वेदमूर्ति, तपोनिष्ठ, युगपुरुष, युगदृष्टा पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के करकमलों द्वारा संवत 2038, शाके 1903, वैशाख कृष्ण पक्ष नवमी (मंगलवार, श्रवण नक्षत्र) अनुसार 28 अप्रैल 1981 को प्रातः सम्पन्न हुई थी।
गायत्री परिवार ट्रस्ट हरिद्वार द्वारा 18 फरवरी 1984 को जारी प्रस्ताव एवं घोषणा-पत्र में देशभर की सभी गायत्री शक्ति पीठों/प्रज्ञा पीठों को स्थानीय स्तर पर पूजा, यज्ञ, प्रचार-प्रसार एवं विधिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन का अधिकार प्रदान किया गया। इसी क्रम में पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने 13 अक्टूबर 1982 को अपने घोषणा एवं स्पष्टीकरण पत्र के माध्यम से गायत्री शक्ति पीठ बस्ती ट्रस्ट हेतु पाँच ट्रस्टियों की नियुक्ति की, जिनके द्वारा 06 अप्रैल 1994 को ट्रस्ट डीड निष्पादित एवं पंजीकृत की गई। तदुपरांत 19 जून 2008 को न्यास घोषणा-पत्र भी निष्पादित व पंजीकृत हुआ, जिसके आधार पर ट्रस्ट आज भी हरिद्वार ट्रस्ट के निर्देशों एवं उद्देश्यों के अनुरूप संचालित हो रहा है।
गायत्री परिवार ट्रस्ट हरिद्वार के प्रबंधक ट्रस्टी परम पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा नामित बस्ती ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी इस प्रकार हैं—
डॉ. हरिवंश शुक्ल, रामचन्द्र शुक्ल, चन्द्रशेखर पाण्डेय, सुधाकर पाण्डेय एवं राम प्रसाद त्रिपाठी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जगदम्बिका पांडेय, सर्वेश श्रीवास्तव, के.के. पांडेय, श्याम पांडेय, विशाल त्रिपाठी, महेश्वरानंद, संतोष, राजकुमार, शिवम, अमन, दिनेश, यशपाल, आयुष, श्रवण कुमार, त्रिलोकी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

No comments:
Post a Comment