- जिले के कोटेदारों में वितरण के लिए रखा जा सकेगा 11 महीने का खाद्यान्न
- भारतीय खाद्य निगम 60 साल पुराने गोदाम को ढहवाकर बनवा रहा नए भंडार गृह
- भारतीय खाद्य निगम 60 साल पुराने गोदाम को ढहवाकर बनवा रहा नए भंडार गृह
- 5600 एमटी की जगह बनाए जा रहे 8340 एमटी क्षमता के दो नए गोदाम
- नए कलेवर में चमकेंगे कर्मचारियों के आवास व अधिकारियों के आफिस, किसान भी आसानी से बेच सकेंगे गेहूं-धान
रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर पर भारतीय खाद्य निगम ने वर्ष 1963-64 में अपने दो गोदाम स्थापित किए थे। जहां एक क्रय केंद्र के अलावा 5600 एमटी के दो गोदाम बनाए गए थे। इन गोदामों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनाज के अलावा क्रय केंद्रों पर खरीदे गए गेहूं का भी भंडारण होता था। यहां एफसीआई के प्रबंधक कार्यालय समेत कर्मचारियों के आवास व मजदूरों के टिनशेड भी बनाए गए हैं। दशकों पूर्व बने यह संसाधन पूरी तरह से जर्जर हो चुके थे। यहां तक कि क्रय केंद्र व उसके गोदाम भी खस्ताहाल हो चुके थे। यही नहीं यहां बनाई गई चार मीटर पतली सड़क पर जब ट्रकों व अनाज लदे भारी वाहनों का काफिला निकलता था तो एक तरफ से जाम की स्थिति पैदा हो जाती थी। यहां अनाज के तौल के लिए स्थापित धर्मकांटा का फाउंडेशन भी अपनी दुर्दशा बयान करता था। इसको देखते हुए दो साल पहले 2023 में एफसीआई के तत्कालीन जिला प्रबंधक धीरज सिंह ने उच्चाधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया तो इसके नवीनीकरण की योजना तैयार हो गई थी। कार्यदाई संस्था ने जुलाई 2024 में पुराने गोदामों को ढहा दिया था और निर्माण कार्य शुरू करवा दिया था। जो अब बनकर तैयार होने की कगार पर पहुंच चुका है।
- आवश्यक संसाधनों से लैस होगा एफसीआई परिसर
भारतीय खाद्य निगम के जिला प्रबंधक राहुल चौधरी ने बताया कि गोदाम व कार्यालय के नवीनीकरण की योजना अब धरातल पर उतरनी शुरू हो चुकी है। इसी महीने दिसंबर के अंत तक दोनों गोदामों का निर्माण कार्य पूरा करवा लिया जाएगा। उसके बाद परिसर को अति आवश्यक संसाधनों से लैस किया जाएगा। बताया कि 8340 एमटी क्षमता के दोनों गोदामों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, बाकी कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को हिदायत दी गई है।

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