लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में नीति विरुद्ध कर्मचारियों व पदाधिकारियों के किए गए स्थानांतरण को लेकर परिषद में आक्रोश व्याप्त हो गया है। जिसमें स्थानांतरण सत्र समाप्त होने के बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के कई पदाधिकारियों का स्वास्थ्य विभाग ने बदले की भावना से स्थानांतरण कर दिया है।शुक्रवार को परिषद ने बताया कि अपर मुख्य सचिव कार्मिक से वार्ता के उपरांत यह निर्णय लिया गया था,कर्मचारियों के पदाधिकारियों का स्थानांतरण निरस्त कर दिया जाएगा।
परिषद ने प्रमुख सचिव व डीजी हेल्थ को फोन के माध्यम से अवगत कराने के बाद भी अभी तक पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त नहीं हुए हैं। जिससे कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्थानांतरण समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग,परिवहन विभाग,बाल विकास पुष्टाहार विभाग,चिकित्सा शिक्षा के अधिकारियों ने बदले की भावना से अध्यक्ष,मंत्री का स्थानांतरण कर दिया गया है। इसी क्रम में परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा एवं प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने पदाधिकारियों के स्थानांतरण को नीतिविरुद्ध बताते हुए कहा कि जनपद के अधिकारियों से अर्ध शासकीय पत्र लिखवाकर एक साजिश के तहत परिषद के जनपद मेरठ के अध्यक्ष विपिन त्यागी व मंत्री राजीव का सहारनपुर व बदायूँ ,रायबरेली अध्यक्ष राजेश सिंह का तबादला जनपद सोनभद्र, हरदोई अध्यक्ष जेएन तिवारी का बदायू,बलरामपुर अध्यक्ष एमएम त्रिपाठी का मथुरा,सीतापुर मनोज दीक्षित का शाहजहांपुर किया गया है।
उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति तिथि 2 वर्ष से कम होने के बावजूद स्थानांतरण नीति 23 के पैरा 12 और पैरा 5 का उल्लंघन किया गया। वीपी मिश्रा ने मुख्यमंत्री,डिप्टी सीएम बृजेश पाठक एवं मुख्य सचिव से आग्रह करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के स्थानांतरण सत्र के समाप्त होने के बाद किए गए स्थानांतरण को निरस्त कराने को निर्देशित करें।
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