बस्ती। उ.प्र. सीनियर बेसिक शिक्षक संघ शाखा-बस्ती द्वारा सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सम्मानित करने के लिए प्रेस क्लब सभागार में जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह की अध्यक्षता में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश संयुक्त मंत्री वागीश दत्त पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2006 में अनुदान पर आए विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। नियुक्ति 01 अप्रैल 2005 से पूर्व होने के बावजूद उन्हें पुरानी पेंशन से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बुढ़ापे का सहारा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि संबंधित शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। एक ओर वे पुरानी पेंशन की लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं टीईटी की अनिवार्यता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि संघर्ष से ही अधिकार प्राप्त होगा।
महामंत्री गोपीनाथ मिश्र ने सरकार से सभी के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने और शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की। उपाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि पेंशन के लिए विकल्प पत्र भरवाने के बावजूद वंचित रखना अन्याय है। संरक्षक वीरेंद्र मिश्र ने कहा कि अधिकारों के लिए संघर्ष जरूरी है और संगठन की एकता ही ताकत है।
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष धर्मराज चौधरी, लेखा परीक्षक विजय कुमार सिंह, प्रधानाचार्य राममूर्ति यादव सहित कई वक्ताओं ने संगठन की मजबूती और अधिकारों की लड़ाई जारी रखने पर जोर दिया। इस दौरान अनेक सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।

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