बस्ती। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में कथित अनियमितताओं के विरोध में गुरुवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के आह्वान पर शिक्षकों ने मौन जुलूस निकालकर विरोध जताया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
मौन जुलूस में शिक्षकों, कर्मचारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों ने हिस्सा लिया। संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष विजेन्द्र वर्मा, प्रदेश मंत्री ध्रुव नारायण चौधरी एवं मंडलीय महामंत्री अटेवा दीपक सिंह प्रेमी ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया कि 27 अक्टूबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय में हुई मतगणना के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उन्होंने लगभग 2800 मतों को अवैध घोषित किए जाने, मतपेटियों में मतपत्र लेखा से अधिक मत मिलने, पेपर सील टूटी होने तथा चौथे चक्र के 1612 मतों में अप्रत्याशित अंतर जैसे बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष अजय कुमार वर्मा, महामंत्री डॉ. सत्य प्रकाश मौर्य एवं जिला संयोजक अटेवा तौआब अली ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से मतगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने तथा उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन न रहने वाली स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही संदिग्ध मतपत्रों की फोरेंसिक एवं हस्तलेख विशेषज्ञों से जांच कराने और आरोपों की पुष्टि होने पर चुनाव निरस्त कर पुनर्मतदान कराने की मांग भी की गई है।
मंडलीय महामंत्री डॉ. श्रवण गुप्ता एवं जिला कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संगठन के राजनीतिक हितों से जुड़ा नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की गरिमा की रक्षा का सवाल है। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत-हार से अधिक महत्वपूर्ण मतदाता के जनादेश का सम्मान है।
उपाध्यक्ष वीरेन्द्र वरुण एवं रमेश वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक मत का महत्व है। मतदाता के अधिकारों की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। शिक्षकों ने इस मुद्दे को जनमानस तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
इस दौरान डॉ. कमलेश चौधरी, रणविजय सिंह, सुरेंद्र मणि मिश्र, फूलचंद चौधरी, राकेश कुमार सिंह, बाबूराम वर्मा, रामभान, आलोक पटेल, दीपनारायण, वीरेंद्र यादव सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

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