बस्ती। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को जिला महासचिव रामकृष्ण चौधरी के नेतृत्व में पदाधिकारियों, किसानों और मजदूरों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतों, गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान, गन्ने का उचित मूल्य निर्धारित करने तथा किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, शिकायतों की निष्पक्ष समीक्षा करने तथा अनियमितता की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुरक्षित रहना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के बाद भाकियू के प्रदेश सचिव दीवान चंद पटेल, पूर्वांचल अध्यक्ष अनूप कुमार चौधरी, पूर्वी जोन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभाराम ठाकुर, महेंद्र कुमार चौधरी और मंडल अध्यक्ष जयराम चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर आंदोलन के दौरान दिल्ली में आवागमन बाधित किए जाने और रास्ते रोके जाने से आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे आपातकाल जैसी स्थिति बताते हुए सरकार से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने और मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की मांग की।
इस दौरान सत्य प्रकाश दुबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किए जाने पर जोर दिया।
ज्ञापन देने वालों में रामपाल सिंह, कन्हैया प्रसाद चौधरी, राम प्रताप, श्याम नारायण सिंह, नायब चौधरी, त्रिवेनी चौधरी, जगदंबा प्रसाद, रामजीत चौधरी, पंचराम चौधरी, तिलकराम चौधरी, बंधु चौधरी, रामचरित्र, राधेश्याम, राकेश चौधरी, इमरान अहमद, गंगाराम चौधरी और दिलीप कुमार सहित बड़ी संख्या में भाकियू पदाधिकारी, किसान एवं मजदूर शामिल रहे।

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