वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
बस्ती। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा विभाग द्वारा एक अक्टूबर से ऑफलाइन चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल स्वीकार करना बंद किए जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने इसे बुजुर्ग पेंशनरों के साथ अन्याय बताते हुए पुरानी व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी निर्णायक आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में पेंशनरों का अभी ईएचआरएमएस कोड नहीं बन पाया है। ऐसे में वे चाहकर भी चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन दावा प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं। बुजुर्ग पेंशनरों के लिए साइबर कैफे के चक्कर लगाना भी आसान नहीं है। उन्होंने चिकित्सा विभाग से ऑफलाइन बिल स्वीकार करने की व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की।
इसी मुद्दे पर बस्ती में जिलाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर उपाध्याय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में बैठक हुई। इसमें चिकित्सा विभाग के निर्णय की निंदा करते हुए आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक सभी पेंशनरों के लिए ऑनलाइन दावा प्रस्तुत करने की व्यवस्था सुचारु नहीं होती, तब तक ऑफलाइन बिल स्वीकार किए जाने चाहिए।
जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने कहा कि यदि ऑफलाइन बिल लेने की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव और प्रदेश महामंत्री ओपी त्रिपाठी के निर्देश पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि विधायक और विधान परिषद सदस्यों की मांग पर उनके चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति बिल ऑफलाइन स्वीकार करने के लिए अपर मुख्य सचिव द्वारा तत्काल सर्कुलर जारी किया गया। एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों के लिए यह व्यवस्था लागू की जा सकती है, तो बुजुर्ग पेंशनरों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है।
बैठक में चंद्रप्रकाश पांडेय, अशोक कुमार मिश्र, रामचंद्र शुक्ल, सुरशेधर दूबे, इंजीनियर राधेश्याम त्रिपाठी, जयनाथ सिंह, दिनेश चंद्र पांडेय, छोटेलाल यादव, विश्वदेव दूबे, रामकुमार लाल, जंगबहादुर, रमाकांत मिश्र, मोतीलाल, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, रामप्रसाद त्रिपाठी और ओमप्रकाश मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मांग पूरी होने तक संघर्ष में साथ देने का संकल्प लिया।

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