बस्ती। गनेशपुर नगर पंचायत क्षेत्र में सुयश पेपर मिल के पास प्रस्तावित आवासीय कॉलोनी के निर्माण को लेकर भारतीय दलित वर्ग संघ के राष्ट्रीय सचिव साधु शरण आर्य ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजकर परियोजना की निष्पक्ष जांच कराने और इसे किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
ज्ञापन में साधु शरण आर्य ने कहा है कि गनेशपुर रोड स्थित सुयश पेपर मिल के बगल में विकास प्राधिकरण की ओर से आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। उनका कहना है कि पेपर मिल से निकलने वाली राख के कारण आसपास के लोग पहले से प्रभावित हैं। ऐसे में मिल के निकट आवासीय कॉलोनी विकसित होने से भविष्य में स्वास्थ्य और पर्यावरण संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने गनेशपुर क्षेत्र में एनएच-27 से गनेशपुर एवं बनबिहार की ओर जाने वाले मार्ग पर कट चौराहा बंद किए जाने से लोगों को हो रही आवागमन की परेशानी का भी मुद्दा उठाया। इसके अलावा क्षेत्र में जंगल विकसित किए जाने से जंगली जानवरों के कारण संभावित खतरे और कुआनो नदी में बाढ़ के दौरान जलभराव की समस्या का उल्लेख करते हुए इन पहलुओं पर भी विचार करने की मांग की।
ज्ञापन में प्रस्तावित परियोजना से संबंधित भूमि के अगले हिस्से को लेकर विभिन्न न्यायालयों में विवाद लंबित होने का दावा किया गया है। साथ ही राजस्व अभिलेखों में कथित हेराफेरी और बाहरी लोगों को मुआवजा दिए जाने की आशंका जताई गई है। साधु शरण आर्य ने संबंधित भूमि के अभिलेखों, मुआवजा वितरण और परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की बिंदुवार जांच कराकर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में आम जनता के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
ज्ञापन सौंपने वालों में गौरी शंकर, बलवंत यादव, अमीर आलम, राम धीरज चौधरी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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