बस्ती। सदर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खदरा एवं बनगवां प्रथम में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी सदर को शिकायती पत्र सौंपकर राशन कार्डों की पात्रता से लेकर खाद्यान्न के आवंटन और वितरण तक की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
खदरा निवासी पूनम पाण्डेय, रामकिशन, राम प्रीत, मिथलेश पाण्डेय सहित अन्य ग्रामीणों ने शिकायत में कोटेदार शिवाजी और ग्राम प्रधान प्रहलाद पर अंत्योदय राशन कार्ड बनवाने तथा राशन वितरण में नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं मिलने और वितरण में मनमानी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर दबाव बनाने की बात कही जाती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि राशन कार्डों की पात्रता, लाभार्थियों की वास्तविक संख्या, खाद्यान्न आवंटन तथा वितरण रजिस्टर सहित संबंधित अभिलेखों की जांच कराई जाए। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाए कि पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार राशन मिल रहा है या नहीं और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक सरकारी खाद्यान्न पहुंचाना है। ऐसे में वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। ग्रामीणों ने जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने, संबंधित कोटे को निलंबित करने तथा नए सिरे से कोटा आवंटन की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है।
अब ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन की जांच और कार्रवाई को लेकर नजरें टिकी हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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