वॉयस ऑफ बस्ती संवाददाता
गोरखपुर। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों, कार्यालयों और आवासीय कॉलोनियों में जल गुणवत्ता की निगरानी तेज कर दी है। इसके तहत पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, नलों और पाइप लाइनों की नियमित जांच एवं रखरखाव किया जा रहा है।
रेलवे के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों और स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संवर्धन परीक्षण और रासायनिक विश्लेषण किए जा रहे हैं।
लखनऊ मंडल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय चिकित्सालय बादशाहनगर डॉ. रमेश चन्द तथा अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) भुवनेश सिंह के संयुक्त निर्देशन में 17 प्रमुख स्टेशनों और चार मुख्य आवासीय कॉलोनियों में कुल 292 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण तथा 21 जीवाणु संवर्धन परीक्षण किए गए। जांच में सभी जल नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए।
इज्जतनगर मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर भी पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। वहीं, वाराणसी मंडल में स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों, स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी और कार्यालयों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, फिल्टर, पाइप लाइनों तथा पंपिंग प्रणाली का निरीक्षण किया गया।
रेल प्रशासन के अनुसार, यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे के सभी स्टेशनों, कार्यालयों और आवासीय कॉलोनियों में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमित परीक्षणों के माध्यम से जल की गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी, ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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